सुगन्धिम पुष्टि वर्धनम

सुगंध की अनुकूलता प्रियता सभी पसंद करते है। वनौषधि यजन प्रक्रिया धूम्रो को व्यापक बनाकर सुगंध फैलाकर समूह चिकित्सा की विज्ञानं
सम्मत प्रक्रिया है।

गंध प्रभाव के माध्यम से मस्तिष्क के प्रसुप्त केन्द्रो का उद्दीपन, अंदर के हार्मोन्स रक्त मे मिलना तथा श्वास द्वारा प्रमुख कार्यकारी औषसध घटको का उन ऊतकों तक पहुंच कर शक्ति निर्धारण अथवा व्याधि निवारण हेतु उत्तरदायी है।

सुगंध से मस्तिष्क के ज्ञान तंतु मई एक प्रकार की गति उत्पन्न होती है। इससे मन ह्रदय पर विशेष प्रभाव पढता है। परिणामत रक्त संचार मे
तेजी आ जाती है, ऑक्सीजन ज्यादा मिलती है इसलिए यह एक प्रकार का आनंद उल्लास पैदा करता है।